Rajanigandha



Tum shabdon mein pirona shuru karo, main khayal ban kar aa jaungi !

Sookhe-sookhe rishte sab ke...............................sookhi sabki baatein
Subah-dopehari veeraan hain shamein...............andheri ankat raatein
Tum ko o saajan kaise aaj..................sandesh yeh pahuncha paaungi
Tum saavan ban kar aa jaao.............................main sarita ban jaungi !

Is jeevan mein bahut si baatein.....................chuppi mein ho jaati hain
Nazaron se milti hain nazarein...................taqderein badalti jaatein hain
Aaj jo aandolit man mera.........................main chup kaise reh paaungi
Tum cherdo koi taan o saajan.......................main sangeet ban jaungi !

Pehli kiran jo aaj subah............................................aai lekar tera naam
Main kutch ghabraai ,phir sharmaai...........man mein kia tujhiko salaam
Ab aur nahin koi bhi soorat......................ki baat yeh kahin chup jayegi
Tum aalingan ban kar aa jao............................main ehsaas ban jaungi !

Jisko dekho masroof wohi hai..................anginat-se apne kaamon mein
Jeevan ka vyaapar kathin hai.................ras raha kahan ab manav mein
Tujh se lekin aaj o saajan................................pran main yeh kar jaungi
Tum kalam utha kar jidhar bhi dekho.................main kavita ban jaungi

Jeevan mein sangharsh bahut hain par tum jeet hi aaoge
Aasman se taare la kar dharti ki chunri sajaoge
Par jab mujhko tum yaad karo main jhat haazir ho jaungi
Tum jab jab rajnigandha ban mehkoge main shabnam ban jaungi !


This poem is written by @Aditya Neogi

unforgettable journey


ये साम कुछ अजीब थी, लम्बा सफ़र था, हम निकल पड़े अपने सफ़र में अपने गुरु से आज्ञा ले कर|
हमारा पहला पड़ाव रायपुर था, लकिन किसने जाना था ये पड़ाव इतनी जल्दी नहीं आने वाला था, हम जिनके साथ इस सफ़र में निकले थे उनकी(अलोक भैया ) गाड़ी LPG से चलती थी ये मुझे मालूम ना था करीब हम ५० km चले होंगे कि हमको गैस रिफिल करनी पड़ गयी, और रिफिल करते ही गाड़ी में प्रॉब्लम आ गयी, बाद में मालूम चला कि इंजन में कुछ खराबी आ गयी है हम और गाड़ी जहा बन सकती थी वो जगह वहा से 30 Km दूर था, वैसे हम फिर चल पड़े इस बार गाड़ी बनवाने, अभी कुछ दूर चले ही थे कि पेट्रोल ख़तम हो गया सुनसान रात थी, जगह भी अजीबोगरीब थी चारो तरफ सिर्फ पहाड़ ही पहाड़ दिख रहे थे, कोई लिफ्ट देने को तैयार ना था किसी तरह एक सज्जन ने हमारी मजबूरी को समझा और सहर तक हमको छोड़ा, बहुत बहुत सुक्रिया "जुम्मन मिया "|

खैर हम पेट्रोल ले के आ गये और मकेनिक के पास पहुच भी गये समय भी काफी हो गया था रात के ११ बज रहे थे किसी तरह से मकेनिक को मनाया गया कि देख लो भाई क्या प्रॉब्लम है, उसने चेक किया और बताया कि प्रॉब्लम इंजन में नहीं उस LPG गैस में थी जिसे हमने अभी कुछ गन्तो पहले रिफिल किया था.उसने बताया कि पूरी टंकी साफ करनी पड़ेगी और इसमें करीब २ घंटे लगेंगे, खैर हमने खाना वाना खाया पिया और पहुच गये मकेनिक के पास, गाड़ी बन के तैयार हो गयी और समय हो रहा था रात के ३ बज रहे थे और मेरी ट्रेन रायपुर से सुबह ११ बजे कि थी और मेरे पास सिर्फ ८ घंटे थे लकिन प्रॉब्लम एक और थी हमने जो गैस रिफिल किया था वो पूरी बर्बाद हो चुकी थी और जितनी गैस थी उससे हम सिर्फ १०० KM ही चल सकते थे खैर हम फिर चल पड़े अपने गंतब्य कि ओर रात में|
अभी हम कुछ दूर चले ही थे कि अलोक भाई को नींद आने लगी हमें कहा आप सो जाएये नहीं तो प्रॉब्लम हो जाएगी, जब हम नींद से जगे तो सुबह के ५ बज रहे थे और हमें अभी भी २०० KM का सफ़र तय करना था, हम चल पड़े और गैस भी ढूंढते रहे हमको गैस मिली भी तो बिलासपुर में और समय हो रहा था सुबह के १० एंड मैंने ये महसूस कर लिया था कि मेरी ट्रेन तो अब मिस हो जाएगी, फ़िलहाल मै उदास तो हो चूका था और मूड भी ख़राब हो रहा था कि हमने ट्रेन मिस कर दी और नागपुर से हैदराबाद वाली बस भी मिस करने वाला था |
किसी तरह रायपुर पहुच उस समय दिन के ३ बज रहे थे, और पहुचते ही सबसे पहले मैंने सारी ट्रेन, बसों को चेक किया कि कोन मुझे जल्दी से जल्दी हैदराबाद पंहुचा सकती है लकिन निराशा ही हाथ लगी और मालूम चला कि मै रात में ही निकल सकता था, बहरहाल मैंने अलोक जी के यहाँ लंच किया नहया थोया(भाभी ने लंच बहुत बढ़िया बनाया था और मैंने ३ घंटे में २ बार खाया, उनसे बाते कि and सब कुछ फिर से नार्मल सा हो गया था उन्लोंगों से मिलकर बहुत अच्छा लगा thank you bhabi )और थक भी बहुत गया था सो गया, साम को बस का पता किया गया कि कोन सी बस नागपुर मुझे पहुचायेगी, साम को बस से निकला स्लीपर वाली बस थी अभी ३ घंटे ही निकला था कि मालूम चला कि उस बस में भी प्रॉब्लम आ गयी है एंड वो बस अब आगे नहीं जा सकती है, किसी तरह से दूसरी बस को रोका गया और उस बस में खड़े खड़े नागपुर पंहुचा सुबह के ७ बज रहे थे, और सीठे रेलवे स्टेशन पंहुचा और पहुचते ही हैदराबाद के लिए टिकेट लिया, किसी तरह TC से बात करके AC में confirm ticket लिया क्युकी मुझे बहुत जोरो कि नींद आ रही थी और मै चैन से सोना चाह रहा था,
तो ये थी मेरी कहानी जशपुर से हैदराबाद तक कई, मुझे याद रहेगी ये यात्रा |

नारी, समाज का आएना



कई दिनों से एक बात मेरे दिमाग में है, क्या ये वही समाज है जो जहा पर हिंदुस्तान को भारत माता कहा जाता है| और उसी भारत माता के देश में आज नारी समाज को डर डर के जीना पड़ रहा है कि सलमा अंसारी जो कि भारत के vise प्रेसिडेंट के wife हैं.कह रही हैं कि "बेटियों को तो पैदा होते ही मार देना चाहिए " जो कि वो खुद एक औरत हैं.
ये बात सही है कि आज समाज में नारी के उपर बहुत सरे अत्याचार हो रहे हैं, लकिन इसका ये मतलब तो नहीं कि उनको पैदा होते ही मार देना चाहिए, हमें इस समाज से लड़ना होगा|
आज उत्तर प्रदेश जो कि देश के बड़े राज्यों में से एक है, वह| पर आजकल बलात्कार कि घटनाये इतनी जादा बढ़ गये हैं कि आये दिन न्यूज़ में ये ही देखने को मिलता है और उस सूबे का मुखिया और कोई नहीं खुद मायावती हैं जो कि खुद एक नारी है और उनको नारी का दुःख दर्द समजना चाहिए और कानून को बनाये रखना चहिये.
लकिन बात तो ये हैं कि जो ये सब अंजाम देते हैं वो कैसे भूल जाते हैं कि उनको भी तो पैदा करने वाला कोई और नहीं खुद एक नारी है , उनके घर में भी उनकी बहने होंगी उनकी मताए होंगी अगर उनकी बहनों के साथ यही कोई और करे तो उनको कैसा लगेगा |
जरा सोचिये ये काफी गंभीर बात है कि ये सब करते समय वो भूल जाते है और उनको तनिक भी इसका पश्चाताप नही होता है,
क्या आज हमारा समाज इतना गिर गया है, क्या हम इतने मजबूर हो गये हैं कि इन सब बातो के लिए तनिक भी समय नहीं निकल सकते हैं, कुछ तो करना ही पड़ेगा हम्मसे से किसी को तो आवाज बुलंद करनी ही पड़ेगी, और इन गुनाहगारो को कड़ी से कड़ी सजा दिलानी होगी, उनको तो सरम से डूब मरना चाहिए, मैंने कल कही पढ़ा था कि कीसी ने तो कोई ४ बरस कि बच्ची के साथ बलात्कार किया,
नारी, समाज का आएना होती है, वो किसी कि लड़की तो किसी कि बीवी और किसी कि बहन है, हमें तो उनका सम्मान करना करना चाहिए |

I LOVE YOU PAPA

कभी कभी ऐसा क्यों लगता है की जो आपके साथ नहीं हैं लकिन वो ही सबसे जादा याद आते हैं, जब वो पास होते हैं तो हमें उनकी कीमत का अहसास नही होती है|
लकिन जब वो हमसे बिछड़ जाते हैं तब मालूम होता है की वो हमारी जिन्दगी में उनकी क्या भूमिका थी|
आज भी मुझे याद है वो दिन जब मै क्लास 6 में पढता था और पापा ने मुझे कुछ काम करने को बोला था और मै फिल्म देखने में ब्यस्त था उस दिन पापा ने बहुत गुस्सा किया था मुज पर बहुत मार पड़ी थी मुझे |
मैंने पापा का गुस्सा भी देखा है और उनका प्यार भी वो मुझे बहुत प्यार करते थे " I Love you PaPa" .
मुझे याद है वो दिन जब पापा रोये थे वो भी किस लिए, हमारे घर में एक गाय थी जिसका एक बछड़ा भी था वो करीब १ साल का रहा होगा और एक दिन वो बीमार होकर भगवान् के पास चला गया था उस दिन पापा ने कुछ भी नहीं खाया था और कितना रोई थे उसके लिए | ऐसे कई सारी यादे है मेरे दिल में जिन्हें याद करके मै हमेशा उनको याद करता हूँ, ऐसा कोई दिन नहीं गया जब मैंने अपने पापा को याद ना किया, आज भी मुझे पापा की कमी बहुत खलती है, आज वो होते तो | मेरी जिन्दगी में हमेशा एक जगह ऐसे रहेगी जहा पापा ही पापा रहेंगे | बहुत सेंटी हो गया मै |इससे पता चलता है की वो कैसे थे, उन्होंने हमेशा दुसरो की मदद किया है उनकी हमेशा यही कोशिश रही है की उनके आस पास जो भी रहे वो सब खुश रहे |मेरी दिल में बस उनकी यादे हैं हम कितना प्यार करते थे उनको अभी भी उनको उतना ही प्यार करते हैं आप जहा भी हैं वह हमेशा खुश रहे हैं , मै भगवान् से हमेश यही दुआ करूँगा की हर जनम में मेरे पापा आप ही बनो और मुझे पता है की भगवान् मेरे ये दुआ जरुर कुबूल करेंगे |

"I LOVE YOU PAPA "